पटना: राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ईवीई एंडोस्कोपी 2025-पाटलिपुत्र’ का उद्घाटन शनिवार को एम्स सभागार में हुआ। इसका आयोजन स्त्री रोग संबंधी एंडोस्कोपी में नई तकनीकों को मजबूत करने, सुरक्षित सर्जिकल प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने और महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए आईएजीई के सहयोग से इंडियन एसोसिएशन ऑफ गायनोकोलॉजिकल एंडोस्कोपिस्ट और प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, एम्स पटना द्वारा किया गया था।मुख्य अतिथि विश्व प्रसिद्ध की-होल सर्जन डॉ. प्रकाश त्रिवेदी ने “शून्य से पुण्य तक – आओ बनाएं अपना भविष्य” शीर्षक से एक प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा और शल्य चिकित्सा कौशल के विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पर जोर दिया।दिन की शैक्षणिक गतिविधियों में फाइब्रॉएड, एडेनोमायोसिस और एंडोमेट्रियोसिस पर केंद्रित प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाएं शामिल थीं। डॉ. अनिता सिंह, डॉ. अरुणा टांटिया, डॉ. माला राज, डॉ. मंजुला अनागानी, डॉ. मुक्ता अग्रवाल और अन्य विशेषज्ञों सहित राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध संकाय द्वारा हिस्टेरोस्कोपिक सेप्टल रिसेक्शन, लैप सिस्टेक्टॉमी, प्रजनन-संरक्षण सर्जरी, लैप मायोमेक्टॉमी, टीएलएच और हिस्टेरोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी पर लाइव प्रशिक्षण प्रदान किया गया।समारोह की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और गुलदस्ता प्रस्तुति के साथ हुई, इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन और मंगलाचरण हुआ। आयोजन अध्यक्ष डॉ. अनिता सिंह और मुख्य संरक्षक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) प्रोफेसर (डॉ.) राजू अग्रवाल, ईडी-सह-सीईओ, एम्स पटना ने उद्घाटन भाषण दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधा टंडन, डॉ. पूनम प्रसाद भदानी, डॉ. संगम झा (संयुक्त सचिव) और डॉ. मोनिका आनंद (कोषाध्यक्ष) मंच पर उपस्थित थे, जबकि डॉ. कल्याण बरमडे और डॉ. रेखा कुरियन ने आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीकों और सुरक्षित प्रक्रियाओं पर अंतर्दृष्टि साझा की।आयोजन सचिव डॉ. मुक्ता अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और उद्घाटन सत्र राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।





